>नवंबर के दूसरे सप्ताह में उत्तर प्रदेश में ठंड ने गति पकड़नी शुरू कर दी है। परंपरागत सर्दियों की शुरुआत के साथ ही हवा का रुख बदला, लेकिन हवा की मजबूती की बजाय उसका थमना और नमी के बढ़ते स्तर ने वायु प्रदूषण को नई ऊंचाई दे दी है।
>पूर्वांचल और पश्चिमी यूपी के मौसम में फर्क साफ दिख रहा है जहाँ पूर्वी यूपी में दिन अभी भी अपेक्षाकृत गर्म हैं, वहीं वेस्ट यूपी धुंध और प्रदूषित हवा में घिर चुका है। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो हफ्तों तक बारिश की संभावना नहीं, जिससे वायु गुणवत्ता और बिगड़ने की आशंका है। हवा की गति कम होने और नमी अधिक रहने से स्मॉग परत ज़मीन पर जमी हुई है।
>तापमान का हाल
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न्यूनतम तापमान: 12–18°C
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अधिकतम तापमान: 26–30°C
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| शहर | न्यूनतम | अधिकतम |
|---|---|---|
| लखनऊ | 14–16°C | 26–28°C |
| कानपुर | 12–14°C | 28°C |
| गाजियाबाद | 13–15°C | 29°C |
| आगरा | 12–14°C | 30°C |
| वाराणसी | 16–18°C | 30°C |
| प्रयागराज | 14–16°C | 31°C |
>हिमालय में बर्फबारी का असर मैदानों में दिखने लगा है और अगली हफ्ते तक यह ठंड और तेज़ होगी।
>केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के ताज़ा आंकड़े बताते हैं कि यूपी में कई शहर रेड ज़ोन में हैं।
| शहर | AQI स्तर | स्थिति |
|---|---|---|
| मेरठ | 318 | बेहद खराब |
| कानपुर | 256 | खराब |
| लखनऊ | 198 | खराब (शामिल सुधार) |
| गाजियाबाद | रेड ज़ोन के करीब | बेहद खराब |
| आगरा | 128 | मध्यम |
| वाराणसी | 94 | संतोषजनक |
>मेरठ सबसे खराब स्थिति में, जहां AQI 300 के पार चला गया है जो स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक श्रेणी में आता है।
>प्रदूषण का स्तर बढ़ने की मुख्य वजहें:
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PM2.5 और PM10 की बढ़ी मात्रा
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हवा में नमी और ठहराव
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औद्योगिक व वाहन प्रदूषण
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>मौसम विभाग के अनुसार अगले दो हफ्तों तक बारिश नहीं, इसलिए AQI में सुधार की उम्मीद कम है हालाँकि हवा की गति बढ़ेगी तो राहत संभव है, लेकिन फिलहाल स्मॉग-सीजन की शुरूआत हो चुकी है।
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