यूपी में जीरो पावर्टी अभियान का दूसरा चरण शुरू

UP News: उत्तर प्रदेश में गरीबी उन्मूलन की जंग का दूसरा दौर शुरू हो चुका है। लेकिन क्या इस बार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नई रणनीतियाँ हर गरीब परिवार तक पहुँच पाएंगी?
News Desk 24 Oct 2025, 07:32 AM 1 min read
यूपी में जीरो पावर्टी अभियान का दूसरा चरण शुरू


>लखनऊ, 24 अक्टूबर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने “जीरो पावर्टी अभियान” को एक मिशन के रूप में लागू करने का संकल्प लिया है। उनका लक्ष्य स्पष्ट है—राज्य के हर गरीब परिवार तक सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ पहुंचाना, ताकि कोई भी परिवार बुनियादी सुविधाओं से वंचित न रहे।


>पहले चरण में सात प्रमुख योजनाओं—राशन कार्ड, दिव्यांग पेंशन, विधवा पेंशन, वृद्धावस्था पेंशन, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री आवास योजना और आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना—के माध्यम से परिवारों को लाभान्वित किया गया। अब अभियान का दूसरा चरण और भी व्यापक रूप ले रहा है। इस चरण में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, स्वच्छ भारत मिशन, जलजीवन मिशन, विद्युत कनेक्शन, शिक्षा तथा मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना पर विशेष जोर दिया जा रहा है।


>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि “जीरो पावर्टी” केवल योजनाओं का समूह नहीं, बल्कि एक सामाजिक संकल्प है। इसका उद्देश्य गरीब परिवारों को ऊर्जा, स्वच्छता, शिक्षा और सम्मानजनक जीवन जैसी बुनियादी सुविधाएं प्रदान करना है और गरीबी के चक्र को स्थायी रूप से तोड़ना है।


>अटल आवासीय योजना और बालिकाओं का विकास:
दूसरे चरण में अटल आवासीय योजना भी शामिल है। इसके तहत निराश्रित बच्चों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जोड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के माध्यम से कमजोर वर्ग की बालिकाओं को उनके विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने में सहायता दी जाएगी। सभी अनाथ बच्चों का बाल सेवा योजना में नामांकन सुनिश्चित किया जाएगा और पात्र परिवारों को उज्ज्वला कनेक्शन तथा इलेक्ट्रिसिटी कनेक्शन उपलब्ध कराए जाएंगे। एसबीएम ग्रामीण के तहत हाउसहोल्ड में सैनिटरी टॉयलेट की पहुंच सुनिश्चित की जाएगी।


>गरीबी की पहचान और समग्र सुधार:
अभियान के तहत उन परिवारों को प्राथमिकता दी जा रही है जिनके पास कृषि भूमि नहीं है, पक्का मकान नहीं है, या जिनके सदस्य वृद्ध, निराश्रित, अनाथ अथवा दिव्यांग हैं। युवाओं को शिक्षा और रोजगार के अवसर दिलाना भी अभियान का अहम हिस्सा है। यह मॉडल “डेमोग्रॉफी, असेट ओनरशिप और एजुकेशन एंड एम्प्लॉयबिलिटी” के तीन स्तंभों पर आधारित है।


>मुख्यमंत्री का निर्देश है कि जिला, ब्लॉक और ग्राम स्तर के सभी अधिकारी इस अभियान को अपनी जिम्मेदारी समझें और 100% कवरेज सुनिश्चित करें। यह कदम उत्तर प्रदेश को गरीबीमुक्त प्रदेश बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी पहल है।

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