>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बरेली मंडल की विकास योजनाओं को नई उड़ान देते हुए स्पष्ट किया कि “योजनाएं बनाना हमारा अंतिम लक्ष्य नहीं, बल्कि उनका समयबद्ध और धरातली क्रियान्वयन ही असली सफलता है।” बुधवार को सर्किट हाउस में हुई एक घंटे पांच मिनट की उच्चस्तरीय मंडलीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने बरेली, पीलीभीत, बदायूं और शाहजहांपुर के सांसदों, विधायकों और जनप्रतिनिधियों से सीधा संवाद कर उनके सुझावों के आधार पर कई नई परियोजनाओं को हरी झंडी दे दी।
>मुख्यमंत्री ने कैंट विधायक संजीव अग्रवाल के प्रस्ताव पर सैटेलाइट फ्लाईओवर को वाई-शेप में बनाए जाने और पीलीभीत बाईपास को फोरलेन में बदलने की योजना को मंजूरी दी। इससे न केवल शहर में ट्रैफिक फ्लो बेहतर होगा, बल्कि पीलीभीत रोड की ओर दुर्घटनाएं भी कम होंगी।
>सीएम योगी ने सुभाषनगर अंडरपास को प्राथमिकता देने के साथ हरूनगला से नागदेवता मंदिर तक नई सड़क निर्माण की स्वीकृति दी है। यह कदम धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ ग्रामीण कनेक्टिविटी को भी मज़बूत करेगा।
मुख्यमंत्री ने सभी विकास कार्यों में विधायकों की भूमिका को निर्णायक बताते हुए निर्देश दिए कि किसी भी परियोजना का प्रस्ताव उनके इनपुट के बिना न बने। उन्होंने कहा कि स्थानीय अनुभव नीति निर्धारण की रीढ़ बनने चाहिए।
>बैठक में इंटर-कनेक्टिविटी सड़कें, आरओबी, अंडरपास, बाईपास, सिंचाई परियोजनाएं, और सड़क सुरक्षा उपायों को तेजी से लागू करने पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि इनसे न केवल भौगोलिक बाधाएं दूर होंगी, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी।
>इस अहम बैठक में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, प्रभारी मंत्री जेपीएस राठौर, धर्मपाल सिंह, संजय गंगवार, सांसद छत्रपाल गंगवार, मेयर डॉ. उमेश गौतम, जिलाधिकारी अविनाश कुमार सिंह, कमिश्नर सौम्या अग्रवाल, एडीजी रमित शर्मा सहित मंडल के सभी विधायक और उच्च अधिकारी उपस्थित रहे।
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