>उत्तर प्रदेश अब सिर्फ उत्तम प्रदेश ही नहीं, बल्कि उद्यम प्रदेश भी बन रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप प्रदेश में एमएसएमई सेक्टर (MSME Sector) को अभूतपूर्व गति मिल रही है। राज्य में अब तक 235 औद्योगिक एस्टेट (77 इंडस्ट्रियल एस्टेट और 158 मिनी एस्टेट्स) का विकास किया जा चुका है, जो छोटे एवं मझोले उद्योगों को मजबूती दे रहे हैं।
>इन औद्योगिक क्षेत्रों में अब तक 947 भूखंडों और 10,179 शेड्स को चिन्हित कर 11,126 नई उद्यम इकाइयों की स्थापना संभव हुई है। यह सब उत्तर प्रदेश सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम प्रोत्साहन नीति-2022 के अंतर्गत हो रहा है, जिसे योगी सरकार ने उद्योगों की ज़मीन पर आसान स्थापना के लिए लागू किया।
फ्लैटेड फैक्टरी कॉम्पलेक्स: शहरी औद्योगिक विकास की नई दिशा
>कानपुर और आगरा जैसे पुराने औद्योगिक शहरों में आधुनिक फ्लैटेड फैक्टरी कॉम्पलेक्स बनाए गए हैं।
- कानपुर: 15,500 स्क्वेयर फीट क्षेत्र में 162 यूनिट्स
- आगरा: 38,500 स्क्वेयर फीट में 200 यूनिट्स कार्यरत
>ये कॉम्पलेक्स एमएसएमई सेक्टर को सस्ते, टिकाऊ और बेहतर इन्फ्रास्ट्रक्चर के साथ कार्य करने का अवसर दे रहे हैं।
लखनऊ और गाजियाबाद में भी बन रहे नए कॉम्पलेक्स
>अब लखनऊ और गाजियाबाद जैसे महानगरों में भी फ्लैटेड फैक्टरी कॉम्पलेक्स के निर्माण कार्य जोरों पर हैं:
- गाजियाबाद: 9734.21 स्क्वेयर फीट में 40 यूनिट्स
- लखनऊ: 7901.6 स्क्वेयर फीट में 48 यूनिट्स प्रस्तावित
>यह परियोजनाएं न केवल रोजगार सृजन का आधार बन रही हैं, बल्कि प्रदेश के शहरी औद्योगिक विकास की गति को भी बढ़ा रही हैं।
10 और ज़िलों में नई इकाइयों की तैयारी
>प्रदेश सरकार 10 और ज़िलों में 15 नए औद्योगिक एस्टेट स्थापित कर रही है, जहां 764.31 एकड़ में 872 प्लॉट्स विकसित किए जा रहे हैं। यह आने वाले वर्षों में एमएसएमई सेक्टर को और भी अधिक समृद्ध बनाएगा।
टिप्पणियाँ
टिप्पणी करने के लिए लॉगिन करें