ईमेल लिखने से लेकर बच्चों का होमवर्क करने और बायोडाटा तैयार करने तक, ChatGPT जैसे एआई टूल्स ने काम आसान कर दिए हैं। लेकिन अब कई लोग अपनी निवेश सलाह और धन प्रबंधन के लिए भी एआई पर भरोसा करने लगे हैं और यही गलती भारी पड़ सकती है।
हाल ही में कई मामलों में सामने आया है कि लोगों ने ChatGPT की फाइनेंशियल सलाह पर भरोसा कर निवेश किया, और उन्हें भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा। विशेषज्ञों का कहना है कि एआई अभी भी एक “डेटा-आधारित जनरेटिव टूल” है, जो जानकारी देता है, लेकिन जिम्मेदारी नहीं लेता।
ChatGPT जैसे टूल्स इंटरनेट पर उपलब्ध डाटा के आधार पर जवाब तैयार करते हैं। इसका मतलब है कि अगर डेटा अधूरा या पुराना है, तो सलाह भी गलत हो सकती है। कई बार एआई “कॉन्फिडेंटली रॉन्ग” यानी आत्मविश्वास से गलत जानकारी देता है। अगर निवेशक बिना जांचे-परखे एआई की बात मान लेते हैं, तो उनका पैसा डूब सकता है या गलत जगह फंस सकता है।
वित्तीय विशेषज्ञों का कहना है कि ChatGPT खुद भी चेतावनी देता है कि वह किसी व्यक्तिगत निवेश सलाह के लिए सक्षम नहीं है। इसलिए किसी भी निवेश निर्णय से पहले रजिस्टर्ड फाइनेंशियल एडवाइजर से राय लेना जरूरी है।
एआई टूल्स का उपयोग निवेश की बुनियादी समझ बढ़ाने, टैक्स बचत के तरीकों को जानने या वित्तीय शब्दावली समझने के लिए किया जा सकता है।
लेकिन
:किस स्टॉक में निवेश करें,
:कौन-सी स्कीम में पैसा लगाएं,
:या किस समय मार्केट में प्रवेश करें —
इन सवालों के जवाब एआई पर छोड़ना खतरनाक हो सकता है।
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