UP News: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को पुलिस लाइन मैदान में आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में 4543 नव चयनित उप निरीक्षकों (दरोगाओं) को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राज्य की कानून-व्यवस्था, पुलिस की जिम्मेदारी और युवाओं को रोजगार देने के मुद्दे पर अपनी बात रखी। सीएम योगी ने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले यूपी में विश्वास का संकट था और राज्य की पहचान उपद्रव प्रदेश के रूप में बन गई थी, लेकिन आज प्रदेश में कानून का राज स्थापित हुआ है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश को लॉफुल प्रदेश बनाना है, लॉलेस नहीं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नवनियुक्त उप निरीक्षकों को नियुक्ति पत्र सौंपने के बाद कहा कि पुलिसकर्मियों को आम जनमानस के विश्वास का प्रतीक बनना होगा। उन्हें अपने काम और व्यवहार से जनता का विश्वास जीतना होगा। पुलिसकर्मियों को खुद को जनता के विश्वास की कसौटी पर खरा साबित करने के लिए तैयार रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि शानदार पारी खेलने के लिए बिना रुके, बिना डिगे और बिना भय के आगे बढ़ते रहना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने युवाओं को एक लाख सरकारी नौकरियां देने का वादा किया था और सितंबर से लगातार नियुक्ति पत्र वितरित हो रहे हैं।
सीएम ने बताया कि जल्द ही 1200 राजस्व कर्मियों, 42 हजार होमगार्ड और 32 हजार पुलिसकर्मियों को नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे। इसके साथ ही 25 हजार शिक्षकों को भी नियुक्ति पत्र देने की तैयारी पूरी की जा रही है। इस अवसर पर सीएम योगी ने संकेत देते हुए कहा कि कुछ नियुक्तियां सरकार की तीसरी पारी के लिए भी रखी जाएंगी। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने नियुक्ति पत्र मिलने पर सभी अभ्यर्थियों को बधाई दी और तीन सवाल पूछे। सीएम ने पूछा कि क्या किसी भी व्यक्ति को नौकरी के लिए सिफारिश करने की नौबत आई थी क्या? किसी भी तरह का लेन-देन किया गया हो या आपको किसी ने ऑफर किया हो? इसके साथ ही क्या धौंस देकर नियुक्ति पत्र लेने की कोशिश तो नहीं की।
सवाल पूछने के बाद सीएम ने कहा कि तीसरी बात को तो मैं खुद भी नहीं मानता हूं। अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि धनतेरस के अवसर पर सभी अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र मिल रहा है। इसके लिए सबको बधाई। मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों के कार्यकाल में सरकारी नौकरी पाना कठिन था। उस समय न तो भर्ती की स्पष्ट नीति थी और न ही नियत साफ थी। आवेदन कोई और करता था और नियुक्ति पत्र किसी दूसरे व्यक्ति को ही मिल जाता था। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने साढ़े नौ वर्षों में 9.50 लाख से अधिक भर्तियां की हैं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि साल 2017 में सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री ने जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई। उन्होंने कहा कि पुलिस की पहचान उसके व्यवहार और न्यायपूर्ण कार्यशैली से ही बनती है। पुलिसकर्मियों को लालच और बुरी संगत से दूर रहना चाहिए और ईमानदारी के साथ जिम्मेदारी निभानी चाहिए। उन्होंने नवनियुक्त दरोगाओं से पीड़ितों को न्याय दिलाने और निष्पक्ष निर्णय लेने की अपील की।
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