>ग्रेटर नोएडा - आम नागरिकों को मिल रही दवाओं की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) ने जेवर क्षेत्र में औचक निरीक्षण कर मेडिकल स्टोर्स की नींव हिला दी है। ड्रग इंस्पेक्टर जय सिंह के नेतृत्व में चलाए गए इस अभियान का मकसद मेडिकल स्टोर्स पर बिक रही दवाओं की गुणवत्ता और वैधता की जाँच करना था।
>यह कार्रवाई आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन तथा जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा के निर्देश पर की गई, जो क्षेत्रीय स्वास्थ्य और सुरक्षा सुनिश्चित करने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है।
>मेडिकल स्टोरों में मची खलबली, कई ने समय से पहले बंद की दुकानें
>निरीक्षण अभियान के दौरान पाया गया कि आसपास के कई मेडिकल स्टोर या तो बंद मिले या अचानक शटर डाउन कर दिए गए। इससे यह साफ संकेत मिला कि दुकानदारों को प्रशासनिक कार्रवाई की भनक पहले ही लग चुकी थी या वे खुद किसी अनियमितता से डरे हुए थे।
>ड्रग इंस्पेक्टर जय सिंह ने स्पष्ट किया कि “दवाओं की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।” भविष्य में ऐसे निरीक्षण और अधिक सख्ती और नियमितता के साथ जारी रहेंगे।
>प्रयोगशाला में पहुंचे नमूने, रिपोर्ट के बाद होगी कार्रवाई
>निरीक्षण के दौरान रबूपुरा स्थित मोनू मेडिकल स्टोर से दो दवाओं के नमूने लिए गए हैं जिन्हें प्रयोगशाला भेजा गया है। रिपोर्ट के आधार पर दवाओं की गुणवत्ता की पुष्टि की जाएगी और ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत संबंधित दुकानदारों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
>सख्ती से रुकेगा फर्जीवाड़ा, मिलेगा जनता को फायदा
>प्रशासन ने यह भी संकेत दिया है कि अगर दवाएं मानकों पर खरी नहीं उतरती हैं, तो यह कार्रवाई केवल चेतावनी नहीं होगी, बल्कि एक कड़ा कानूनी संदेश भी देगी। यह पहल बिना लाइसेंस चल रहे मेडिकल स्टोर्स और नकली दवाओं के धंधे पर भी रोक लगाने में प्रभावशाली साबित हो सकती है।
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