>लखनऊ जिले में बच्चों को भिक्षावृत्ति से मुक्त कर शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से चलाए जा रहे अभियान के तहत आज जिलाधिकारी विशाख. ने प्राथमिक विद्यालय चिनहट प्रथम और द्वितीय का निरीक्षण किया। यह अभियान राजधानी की सामाजिक चेतना और प्रशासनिक दृढ़ता का प्रतीक बनता जा रहा है।
>निरीक्षण के दौरान चिनहट प्रथम विद्यालय की प्रधानाचार्या ने बताया कि अब तक 19 बच्चों का स्कूल में प्रवेश कराया गया है, जिनमें से 6 बच्चे 6 वर्ष से कम उम्र के हैं। इस पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि इन छोटे बच्चों को पास के आंगनबाड़ी केंद्रों में भर्ती कराया जाए ताकि वे शिक्षा से जुड़ें और भिक्षावृत्ति में फिर से न लौटें।
>जिलाधिकारी ने विद्यालय के बाहर पाए गए अवैध अतिक्रमण को लेकर नगर निगम को तत्काल अभियान चलाकर हटाने का निर्देश भी दिया।
शिक्षा से बदलाव की ओर – चिनहट द्वितीय में 8 बच्चों का नामांकन
>इसके पश्चात जिलाधिकारी ने प्राथमिक विद्यालय चिनहट द्वितीय का निरीक्षण किया, जहाँ 8 रेस्क्यूड बच्चों का नामांकन किया गया है। उन्होंने जिला प्रोबेशन अधिकारी को निर्देशित किया कि इन बच्चों को बाल सेवा योजना के अंतर्गत सभी लाभ दिलाए जाएं।
मलिन बस्तियों का सर्वे और हर घर तक शिक्षा की पहुंच
>जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि मलिन बस्तियों व उन क्षेत्रों का सर्वेक्षण किया जाए जहाँ बच्चे अभी भी भिक्षावृत्ति कर रहे हैं, जैसे फैजुल्लागंज, उतरेठिया, रामलीला मैदान आदि। ऐसे बच्चों की पहचान कर उन्हें आईसीडीएस केंद्रों या प्राथमिक विद्यालयों में उम्र के अनुसार प्रवेश दिलाया जाए।
>साथ ही 30 जून तक सभी इलाकों में घर-घर सर्वेक्षण कर यह सुनिश्चित किया जाए कि हर स्कूल-उम्र का बच्चा शैक्षिक सत्र में पंजीकृत हो और कोई ड्रॉपआउट बच्चा पीछे न छूटे। इसके लिए उन्होंने उपजिलाधिकारियों, अपर नगर मजिस्ट्रेटों, स्वयंसेवी संगठनों व वॉलंटियर्स के सहयोग से विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए।
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