>नोएडा - तकनीक जहां रिश्ते जोड़ने का जरिया बन रही है, वहीं कुछ शातिर दिमाग इसे अपराध का अड्डा बना रहे हैं। नोएडा पुलिस ने एक ऐसे गैंग का पर्दाफाश किया है, जो समलैंगिक डेटिंग एप 'Grindr' के ज़रिए फर्जी प्रोफाइल बनाकर लोगों को जाल में फंसा कर लूटपाट करता था।
>चार युवक – विशाल कुमार, अरबाज, उस्मान और हिमांशु – गिरफ्तार किए गए हैं, जो सुनसान जगहों पर समलैंगिक युवकों को मिलने बुलाकर दोस्ती के बहाने बातचीत में उलझाते थे और मौका मिलते ही कीमती सामान लूटकर फरार हो जाते थे। आरोपियों के पास से नकद रुपये, मोबाइल फोन और दो फर्जी नंबर प्लेट लगी बाइकें भी बरामद की गई हैं।
>ऐसे करते थे शिकार: डिजिटल दोस्ती, असली धोखा
>डीसीपी प्रथम यमुना प्रसाद के अनुसार, 15 जुलाई को सेक्टर-11 स्थित मदर डेयरी चौराहे के पास पुलिस चेकिंग के दौरान ये चारों आरोपी पकड़े गए। पूछताछ में सामने आया कि वे Grindr एप पर फर्जी आईडी बनाते, युवकों को दोस्ती का झांसा देते और फिर सुनसान जगह मिलने के लिए बुलाकर लूट की घटना को अंजाम देते।
>गिरोह का सरगना विशाल है, जो मात्र 11वीं पास है। बाकी तीनों आरोपी अशिक्षित हैं। चारों की मुलाकात पार्क में नशा करने के दौरान हुई थी, जहां उन्होंने इस अपराध की योजना बनाई।
>पहले भी रच चुके हैं कई वारदातें
>गिरफ्तार युवकों ने बताया कि 9 जुलाई को सेक्टर-34 में एक युवक से 25,000 रुपये और दो मोबाइल लूटे थे। इसके अलावा सेक्टर-11 और सेक्टर-15 में भी ऐसी ही घटनाएं अंजाम दी गईं। पूछताछ में यह भी सामने आया कि ये लोग एनसीआर क्षेत्र के कई युवकों को इसी तरीके से निशाना बना चुके हैं।
>पुलिस की चेतावनी: सतर्क रहें, अनजान दोस्ती से बचें
>नोएडा पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे ऐसे ऑनलाइन डेटिंग प्लेटफॉर्म्स पर अनजान लोगों से संपर्क करने में सतर्कता बरतें और यदि किसी पर संदेह हो तो तुरंत नजदीकी थाने को सूचित करें। पुलिस इस गैंग से जुड़ी अन्य वारदातों की गहराई से जांच कर रही है।
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