>उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था ने विकास की रफ्तार में ऐतिहासिक छलांग लगाते हुए ₹29.6 लाख करोड़ के आंकड़े को छू लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे "संभावनाओं से परिणाम तक की यात्रा" बताते हुए कहा कि अब यूपी सिर्फ आकंड़ों में नहीं, ज़मीनी बदलावों में भी अग्रणी राज्य बन चुका है।
>राज्य की सकल घरेलू उत्पाद (GSDP) में 80% की अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की गई है, जो 2020-21 की तुलना में कहीं अधिक है। अब उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में 8.9% तक पहुँच चुकी है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि 2026 तक 10% हिस्सेदारी का लक्ष्य है और इसके लिए विनिर्माण, सेवा और कृषि क्षेत्रों में रणनीतिक निवेश और सुधार अनिवार्य हैं।
>'मेक इन यूपी' मॉडल बना औद्योगिक रणनीति की धुरी
>मुख्यमंत्री ने 'मेक इन यूपी' को भविष्य का रोडमैप बताते हुए कहा कि 27,000 से अधिक फैक्ट्रियाँ अब राज्य में पंजीकृत हो चुकी हैं। ग्रामीण और अर्धशहरी क्षेत्रों में नए उद्योगों की स्थापना के लिए जिला उद्योग केंद्रों को मजबूत करने के निर्देश दिए गए।
>खाद्यान्न से लेकर आईटी तक में रिकॉर्ड प्रदर्शन
>राज्य का खाद्यान्न उत्पादन अब 722 लाख मीट्रिक टन तक पहुँच चुका है, जो गत वर्षों की तुलना में 100 एलएमटी अधिक है। वहीं सूचना प्रौद्योगिकी (IT) सेवाओं के निर्यात में भी ₹46,800 करोड़ का रिकॉर्ड बना है — जो युवाओं के लिए रोजगार की नयी राहें खोल रहा है।
>दूध, अंडा और पशुपालन में भी अग्रणी
>उत्तर प्रदेश अब देश का सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक राज्य है। मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल उत्पादन नहीं, प्रति पशु उत्पादकता बढ़ाना भी लक्ष्य होना चाहिए। उन्होंने नस्ल सुधार, डेटा ट्रैकिंग और फीड मैनेजमेंट को प्राथमिकता देने की बात कही।
>राजस्व संग्रह भी बना आत्मनिर्भरता की बुनियाद
>राज्य सरकार ने 2024-25 में ₹1.49 लाख करोड़ का GST संग्रह और ₹52,574 करोड़ की आबकारी आय हासिल की है। मुख्यमंत्री ने इसे राजस्व आत्मनिर्भरता की मजबूत बुनियाद बताया और कहा कि यह पैसे अब सामाजिक योजनाओं और आधारभूत सुविधाओं में पुनर्निवेश के लिए उपयोग होंगे।
>परिवहन, पर्यटन और सेवा क्षेत्र को मिलेगा नया विस्तार
>मुख्यमंत्री ने परिवहन को भविष्य का सबसे संभावनाशील सेक्टर बताया। निजी बस सेवाओं के लिए नए रूट चिन्हित करने, पर्यटन सेवाओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने और होटल-व्यापार जैसे क्षेत्रों में सेवा विस्तार पर ज़ोर दिया गया है।
>डाटा आधारित प्लानिंग होगी विकास की रीढ़
>मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को निर्देश दिया कि वे विश्वसनीय और अद्यतन डेटा के आधार पर रोडमैप तैयार करें। कृषि, सेवा, ऊर्जा, विनिर्माण और मानव संसाधन क्षेत्रों में स्पष्ट और लक्ष्य आधारित रणनीति की आवश्यकता बताई गई ताकि यूपी को जल्द ही विकसित राज्यों की अग्रिम पंक्ति में लाया जा सके।
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