>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के तीन नवस्थापित विश्वविद्यालयों – बलरामपुर स्थित माँ पाटेश्वरी राज्य विश्वविद्यालय, मीरजापुर स्थित माँ विंध्यवासिनी राज्य विश्वविद्यालय और मुरादाबाद स्थित गुरु जम्भेश्वर राज्य विश्वविद्यालय – की प्रगति की उच्चस्तरीय समीक्षा की। बैठक में न केवल निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और गति की चर्चा हुई, बल्कि इन विश्वविद्यालयों को कौशल, नवाचार और रोजगारपरक शिक्षा के सशक्त केंद्र के रूप में विकसित करने के निर्देश भी दिए गए।
>तीन शहर, तीन विश्वविद्यालय – उच्च शिक्षा में नई रेखाएं खिंच रही हैं
>मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि ये विश्वविद्यालय महज भवन नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के उस 'ज्ञान समावेशन' विजन का मूर्त रूप हैं, जिसका उद्देश्य हर जिले तक गुणवत्तापरक उच्च शिक्षा पहुँचाना है। ये संस्थान क्षेत्रीय संतुलन, सामाजिक न्याय और युवा सशक्तिकरण के नए मॉडल बनेंगे।
>निर्माण कार्यों में कोई देरी नहीं – श्रमिकों की न्यूनतम संख्या 500 तय
>मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रशासनिक भवन, अकादमिक खंड और कुलपति आवास का निर्माण पहले चरण में समय से पूरा किया जाए। हर परियोजना स्थल पर कम से कम 500 श्रमिकों की उपस्थिति सुनिश्चित हो, ताकि कार्यों में गति बनी रहे।
>कुलपति से बोले मुख्यमंत्री – "इस बार से परिसर में शुरू हो पीजी कोर्स"
>सीएम योगी ने कहा कि विश्वविद्यालयों में इस शैक्षिक सत्र से परास्नातक पाठ्यक्रमों की प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो। प्रयोगशालाएं और स्मार्ट क्लासेज जैसे बुनियादी शैक्षणिक ढांचे का निर्माण प्राथमिकता में हो। साथ ही, पूर्णकालिक रजिस्ट्रार, परीक्षा नियंत्रक और वित्त नियंत्रक की नियुक्तियां तत्काल की जाएं।
>अर्थिक प्रगति रिपोर्ट: निवेश और निष्पादन दोनों संतोषजनक
-
बलरामपुर विश्वविद्यालय: ₹163.52 करोड़ की परियोजना, ₹83.47 करोड़ निर्गत, दिसंबर 2025 तक कार्य पूर्ण
-
मीरजापुर विश्वविद्यालय: ₹154.15 करोड़ की परियोजना, ₹88.53 करोड़ निर्गत, फरवरी 2026 तक पूर्णता लक्ष्य
-
मुरादाबाद विश्वविद्यालय: ₹169.58 करोड़ की परियोजना, ₹77.93 करोड़ निर्गत, फरवरी 2026 तक लक्ष्य
>
>विश्वविद्यालय बनेंगे रोजगार, शोध और सांस्कृतिक चेतना के केंद्र
>सीएम योगी ने निर्देश दिए कि इन विश्वविद्यालयों में ऐसे पाठ्यक्रम चलाए जाएं जो स्थानीय जरूरतों, तकनीकी कौशल और समकालीन उद्योगों से जुड़े हों। इससे छात्रों को डिग्री के साथ-साथ रोजगार की तैयारी, नवाचार की समझ और व्यावहारिक दक्षता भी मिल सकेगी।
>गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय की वेबसाइट और लोगो का हुआ विमोचन
>मुख्यमंत्री ने मुरादाबाद स्थित गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय की वेबसाइट और लोगो का विमोचन करते हुए कहा कि ये संस्थान आने वाले समय में शोध, नैतिक शिक्षा और स्किल डेवेलपमेंट के 'नॉलेज हब' बनेंगे।
टिप्पणियाँ
टिप्पणी करने के लिए लॉगिन करें