>उत्तर प्रदेश की प्राथमिक शिक्षा प्रणाली को सशक्त, समावेशी और आधुनिक बनाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक अहम समीक्षा बैठक कर व्यापक दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राज्य का कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे, यह सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को "स्कूल चलो अभियान" को और अधिक प्रभावी और जमीनी बनाने के निर्देश भी दिए।
>डीबीटी से छात्र अभिभावकों को ₹1200 की सहायता जल्द
>मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले सभी छात्रों के अभिभावकों को ₹1200 की प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) सहायता राशि जल्द मिले। यह राशि यूनिफॉर्म, जूता-मोजा, स्टेशनरी व किताबों की खरीद के लिए दी जा रही है ताकि बच्चों की पढ़ाई किसी भी स्तर पर बाधित न हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ की जाए।
>बेसिक स्कूलों की ढांचागत मजबूती होगी प्राथमिकता
>मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यालयों की आधारभूत संरचना मजबूत होनी चाहिए, जिससे बच्चों को एक सुरक्षित, स्वच्छ और प्रेरणादायक वातावरण में पढ़ाई का अवसर मिले। उन्होंने स्कूल भवनों में संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा और निर्देशित किया कि जहां जरूरत हो, वहां तुरंत आवश्यक सामग्री और निर्माण कार्य करवाए जाएं।
>स्कूल पेयरिंग से गुणवत्ता और संसाधनों का बेहतर उपयोग
>सीएम योगी ने स्कूल पेयरिंग सिस्टम को दीर्घकालिक सोच के साथ लागू करने पर ज़ोर दिया। उन्होंने बताया कि इससे संसाधनों का बेहतर उपयोग, शिक्षा की गुणवत्ता में वृद्धि, और शिक्षकों की प्रभावशीलता सुनिश्चित की जा सकती है।
>जहां स्कूलों को मर्ज किया गया है, वहां खाली भवनों को बाल वाटिकाओं, प्री-प्राइमरी स्कूलों व आंगनबाड़ी केंद्रों के रूप में प्रयोग करने की बात कही गई है, जिससे शिक्षा की बुनियाद और भी मजबूत हो।
>शिक्षक नियुक्ति पर विशेष जोर
>मुख्यमंत्री ने इस बैठक में रिक्त शिक्षक पदों की शीघ्र नियुक्ति के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी स्कूलों में आदर्श शिक्षक-छात्र अनुपात बनाए रखना अनिवार्य है। उन्होंने अधिकारियों को कहा कि रिक्तियों के लिए अधियाचन तत्काल भेजा जाए और नियुक्ति प्रक्रिया को समयबद्ध रूप से पूरा किया जाए।
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