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अशोक सिंघल की जन्मशताब्दी पर केशव मौर्य बोले- राष्ट्रसेवा को समर्पित था जीवन

जन्मशताब्दी के अवसर पर केशव मौर्य ने कहा कि अशोक सिंघल ने अपने जीवन को राष्ट्र, धर्म और भारतीय संस्कृति की सेवा के लिए समर्पित किया।
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Bureau News Desk
27 Sep 2026
04:56 PM
1 min read
अशोक सिंघल की जन्मशताब्दी पर केशव मौर्य बोले- राष्ट्रसेवा को समर्पित था जीवन
हाइलाइट्स
अशोक सिंघल की जन्मशताब्दी के अवसर पर केशव प्रसाद मौर्य ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
मौर्य ने लखनऊ स्थित सरकारी आवास पर उनके चित्र पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि की।
उन्होंने अशोक सिंघल के जीवन को राष्ट्र, धर्म और भारतीय संस्कृति की सेवा के लिए समर्पित बताया।
उप मुख्यमंत्री ने श्रीरामजन्मभूमि आंदोलन में सिंघल की भूमिका का भी उल्लेख किया।

श्रीरामजन्मभूमि आंदोलन से जुड़े प्रमुख नामों में शामिल रहे और विश्व हिंदू परिषद के पूर्व अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक सिंघल की जन्मशताब्दी के अवसर पर उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। लखनऊ में आयोजित इस श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान उन्होंने अशोक सिंघल के जीवन, उनके सामाजिक कार्यों और श्रीरामजन्मभूमि आंदोलन से जुड़े योगदान को याद किया।

उप मुख्यमंत्री ने अपने सरकारी आवास पर अशोक सिंघल के चित्र पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने कहा कि अशोक सिंघल का पूरा जीवन राष्ट्र, धर्म और भारतीय संस्कृति की सेवा के लिए समर्पित रहा।

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अशोक सिंघल की जन्मशताब्दी के अवसर पर उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास पर उनके चित्र पर माल्यार्पण किया और पुष्पांजलि अर्पित की।

इस अवसर पर मौर्य ने अशोक सिंघल के जीवन और कार्यों को याद करते हुए उनके प्रति सम्मान व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि अशोक सिंघल ने अपने जीवन का प्रत्येक क्षण समाज और राष्ट्र के लिए समर्पित किया।

केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि अशोक सिंघल जैसे व्यक्तित्व लंबे समय तक सामाजिक और सांस्कृतिक क्षेत्र में अपने कार्यों के माध्यम से प्रभाव छोड़ते हैं। उनके अनुसार, सिंघल ने अपने कार्यों और विचारों के माध्यम से समाज में सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रभाव को मजबूत करने का कार्य किया।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि अशोक सिंघल का सम्पूर्ण जीवन राष्ट्र, धर्म और भारतीय संस्कृति की सेवा के लिए समर्पित था। उन्होंने कहा, “परम पूज्य श्रद्धेय अशोक सिंघल जैसे विराट व्यक्तित्व के धनी महापुरुष युगों में जन्म लेते हैं।”

मौर्य ने आगे कहा कि अशोक सिंघल का जीवन त्याग, तपस्या, समर्पण और राष्ट्रसेवा की मिसाल रहा। उन्होंने उनके कार्यों और विचारों को भारतीय संस्कृति तथा सामाजिक चेतना से जोड़ते हुए उनके योगदान को याद किया। उनके अनुसार, अशोक सिंघल ने अपने जीवन के प्रत्येक क्षण को समाज और राष्ट्र के लिए समर्पित किया।

श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान केशव प्रसाद मौर्य ने श्रीरामजन्मभूमि आंदोलन में अशोक सिंघल की भूमिका का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि श्रीरामजन्मभूमि आंदोलन को जन-जन की आस्था, चेतना और सहभागिता से जोड़ने में अशोक सिंघल की भूमिका स्मरणीय रहेगी। मौर्य के मुताबिक, सिंघल ने श्रीरामजन्मभूमि से जुड़े जनआंदोलन को व्यापक सामाजिक चेतना से जोड़ने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

उन्होंने कहा कि श्रीराम के प्रति अशोक सिंघल की आस्था और भारतीय संस्कृति के प्रति उनका समर्पण आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का विषय रहेगा। केशव प्रसाद मौर्य ने अशोक सिंघल के योगदान को केवल किसी एक संगठन या आंदोलन तक सीमित नहीं बताया। उन्होंने कहा कि उनका व्यक्तित्व भारतीय संस्कृति, सनातन परंपराओं और राष्ट्रहित से जुड़े कार्यों के लिए जाना जाता रहा।

मौर्य ने कहा कि अशोक सिंघल ने अपने कार्यों के माध्यम से समाज में सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करने का प्रयास किया। उन्होंने उनके जीवन को समाज और राष्ट्र के प्रति समर्पण से जोड़कर देखा।

उप मुख्यमंत्री के अनुसार, अशोक सिंघल का जीवन यह संदेश देता है कि समाज और राष्ट्र के हित में किया गया समर्पण आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन सकता है।

केशव प्रसाद मौर्य ने अशोक सिंघल की जन्मशताब्दी को उनके विचारों, आदर्शों और राष्ट्रसेवा के संकल्प को याद करने का अवसर बताया। उन्होंने कहा कि अशोक सिंघल के जीवन और कृतित्व को याद करते हुए समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करना उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

उन्होंने कहा कि अशोक सिंघल जैसे व्यक्तित्वों का योगदान लंबे समय तक याद किया जाता है और उनकी राष्ट्रसेवा, सांस्कृतिक चेतना तथा समाज के प्रति समर्पण को स्मरण किया जाएगा।

अशोक सिंघल की जन्मशताब्दी के अवसर पर विश्व हिंदू परिषद ने वर्ष भर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करने की घोषणा की है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, जन्मशताब्दी कार्यक्रमों की शुरुआत 27 सितंबर से हो रही है और देश के विभिन्न हिस्सों में कार्यक्रम आयोजित किए जाने हैं।

विश्व हिंदू परिषद के अनुसार, जन्मशताब्दी वर्ष के दौरान अशोक सिंघल के जीवन और उनके सामाजिक योगदान से जुड़े कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। 27 सितंबर से 4 अक्टूबर तक देश के 47 प्रमुख स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए जाने की जानकारी भी सामने आई है।

इस बीच विभिन्न स्थानों पर अशोक सिंघल की जन्मशताब्दी के अवसर पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। झरिया में भी 27 सितंबर को विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल की ओर से जन्मशताब्दी कार्यक्रम आयोजित किए जाने की जानकारी सामने आई है।

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