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लखनऊ के बाढ़ प्रभावित इलाकों में नाव से पहुंचे डीएम

जिलाधिकारी विशाख जी और संयुक्त पुलिस आयुक्त बब्लू कुमार ने प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। गर्भवती महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को प्राथमिकता से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए।
Bureau
Bureau News Desk
04 Oct 2026
07:44 PM
1 min read
लखनऊ के बाढ़ प्रभावित इलाकों में नाव से पहुंचे डीएम
हाइलाइट्स
गोमती नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए लखनऊ में राहत एवं बचाव कार्य तेज किए गए।
जिलाधिकारी विशाख जी और संयुक्त पुलिस आयुक्त बब्लू कुमार ने प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया।
नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए तत्काल 10 नावों की व्यवस्था के निर्देश दिए गए।
गर्भवती महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को प्राथमिकता से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाएगा।

गोमती नदी के बढ़ते जलस्तर के बीच लखनऊ के कई इलाकों में प्रशासन ने राहत और बचाव कार्यों को तेज कर दिया है। प्रभावित बस्तियों में नागरिकों की सुरक्षा, जरूरी सुविधाओं की उपलब्धता और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए अधिकारियों की टीमें सक्रिय हैं। इसी क्रम में रविवार को जिलाधिकारी विशाख जी और संयुक्त पुलिस आयुक्त बब्लू कुमार ने प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय और नाव से निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने प्रभावित नागरिकों से बातचीत कर राहत सामग्री की उपलब्धता और सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था का जायजा लिया। प्रशासन ने गर्भवती महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कराने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही प्रभावित परिवारों के लिए भोजन, दवाओं और पशुओं के चारे की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।

गोमती नदी के जलस्तर में वृद्धि को देखते हुए जिला प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में अधिकारियों और कर्मचारियों की टीमें सक्रिय की हैं। जिलाधिकारी विशाख जी और संयुक्त पुलिस आयुक्त बब्लू कुमार ने बरावन कला, सैथा और फैजुल्लागंज सहित प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान नागरिकों की सुरक्षा, राहत सामग्री के वितरण, स्वास्थ्य सेवाओं और बचाव कार्यों की स्थिति की जानकारी ली गई। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद कर्मचारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित परिवारों तक आवश्यक सुविधाएं पहुंचाने में किसी प्रकार की देरी न हो। प्रशासन की ओर से जेहटा, माल रोड, सैंथा और फैजुल्लागंज के प्रभावित क्षेत्रों में भी स्थिति पर निगरानी और राहत व्यवस्था को प्राथमिकता दी गई है।

ग्राम सैथा में निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने नगर मजिस्ट्रेट को विशेष निर्देश दिए कि गर्भवती महिलाओं, बच्चों और वृद्धजनों की पहचान कर उन्हें प्राथमिकता के आधार पर तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए। प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया कि प्रभावित नागरिकों की सुरक्षा और सुविधा राहत कार्यों में प्राथमिकता पर रहेगी। लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए जिलाधिकारी ने तत्काल 10 नावों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इन नावों के माध्यम से प्रभावित क्षेत्रों में फंसे या सुरक्षित स्थानों पर जाने की आवश्यकता वाले नागरिकों को निकालने की व्यवस्था की जानी है।

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जिलाधिकारी ने प्रभावित नागरिकों के लिए स्थापित बाढ़ राहत शिविरों का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने शिविरों में मौजूद चिकित्सकों से बातचीत कर लोगों को दी जा रही स्वास्थ्य सेवाओं और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता की जानकारी ली। चिकित्सकों ने बताया कि प्रभावित नागरिकों को जरूरत के अनुसार दवाओं की किट उपलब्ध कराई जा रही हैं। इस पर जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि आवश्यक दवाओं की पर्याप्त किट तैयार रखी जाएं और उन्हें तत्काल प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचाया जाए। जरूरतमंद नागरिकों को समय पर दवाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को भी कहा गया। स्वास्थ्य विभाग को राहत शिविरों और प्रभावित बस्तियों में आवश्यक चिकित्सा सहायता की उपलब्धता बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।

निरीक्षण के अगले चरण में जिलाधिकारी और संयुक्त पुलिस आयुक्त ने फैजुल्लागंज के प्रभावित क्षेत्रों का नाव से दौरा किया। अधिकारी नाव के माध्यम से प्रभावित बस्तियों तक पहुंचे और स्थानीय नागरिकों से बातचीत की। इस दौरान मौके पर उपलब्ध कराई जा रही राहत सामग्री की स्थिति का सत्यापन किया गया। जिलाधिकारी ने बताया कि जिला प्रशासन की ओर से सुबह से ही प्रभावित क्षेत्रों में अधिकारियों और कर्मचारियों की टीमें सक्रिय हैं। नावों के माध्यम से घर-घर राहत किट पहुंचाने का कार्य लगातार किया जा रहा है। प्रभावित परिवारों को भोजन, आवश्यक राहत सामग्री और दूसरी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं।

बाढ़ प्रभावित नागरिकों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने राहत सामग्री के वितरण पर विशेष जोर दिया है। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित परिवारों तक भोजन और राहत किट पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। राहत वितरण के दौरान जरूरतमंद परिवारों की आवश्यकताओं का ध्यान रखने को कहा गया है। इसके अलावा प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं के लिए पर्याप्त मात्रा में भूसा और चारा उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। प्रशासन की ओर से राहत सामग्री पहुंचाने के लिए नावों और विभागीय टीमों का इस्तेमाल किया जा रहा है, ताकि प्रभावित बस्तियों में रहने वाले नागरिकों तक जरूरी सामान पहुंच सके।

प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों की निगरानी तथा नागरिकों की समस्याओं पर त्वरित कार्रवाई के लिए दाऊद नगर में अतिरिक्त कंट्रोल रूम स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं। इस व्यवस्था के माध्यम से प्रभावित नागरिकों की शिकायतों और जरूरतों पर तेजी से प्रतिक्रिया देने तथा राहत कार्यों की निगरानी करने का उद्देश्य है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि प्रभावित नागरिकों से प्राप्त सूचनाओं और आवश्यकताओं के आधार पर संबंधित विभागों के बीच समन्वय बनाए रखा जाए।

गोमती नदी के बढ़ते जलस्तर के बीच प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी और संयुक्त पुलिस आयुक्त ने पुलिस अधिकारियों से कहा कि रात के समय भी प्रभावित इलाकों में गश्त जारी रखी जाए, ताकि नागरिकों की सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ बनी रहे। इसके साथ ही संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों को मौके पर उपस्थित रहकर राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं।

जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को गोमती नदी के जलस्तर और प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार नजर रखने को कहा है। संवेदनशील स्थानों पर तैनात अधिकारियों एवं कर्मचारियों को मौके पर मौजूद रहकर स्थिति की निगरानी करने और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। राहत, स्वास्थ्य, पुलिस और नगर निगम सहित संबंधित विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने को कहा गया है।

निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी नगर पूर्वी, नगर मजिस्ट्रेट, उपजिलाधिकारी सदर, उपजिलाधिकारी मलिहाबाद, नगर निगम तथा अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। प्रशासन की ओर से प्रभावित नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने, राहत सामग्री उपलब्ध कराने, स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने और गोमती नदी के जलस्तर की निगरानी के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं।

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