नोएडा के जेवर क्षेत्र में गांधी जयंती के अवसर पर एक परिवार ने अपनी मांग प्रशासन तक पहुंचाने के लिए विरोध का अलग तरीका अपनाया। बच्चों के भविष्य से जुड़े एक दस्तावेज को लेकर शुरू हुआ यह मामला अब आमरण अनशन तक पहुंच गया है। प्रदर्शन में परिवार के चार बच्चे भी शामिल हैं और उनकी मांग को लेकर सोशल मीडिया पर भी चर्चा हो रही है।
गौतमबुद्धनगर जिले के जेवर क्षेत्र स्थित कानी गढ़ी गांव निवासी सुंदर सिंह ने 2 अक्टूबर को अपने चार बच्चों के साथ आमरण अनशन शुरू किया। उन्होंने बच्चों के जाति प्रमाण पत्र जारी करने की मांग को लेकर ‘अन्याय की चिता’ के पास धरना दिया। सुंदर सिंह ने इस विरोध प्रदर्शन के माध्यम से जिला प्रशासन का ध्यान अपने परिवार की समस्या की ओर आकर्षित करने का प्रयास किया है। उनका कहना है कि बच्चों के जाति प्रमाण पत्र जारी कराने के लिए उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रदर्शन का वीडियो सोशल मीडिया के विभिन्न मंचों पर प्रसारित हो रहा है। वीडियो में सुंदर सिंह अपने बच्चों के साथ मांग को लेकर अनशन पर बैठे दिखाई दे रहे हैं।
सुंदर सिंह के अनुसार, उनके परिवार में पहले से जाति प्रमाण पत्र मौजूद हैं। उन्होंने बताया कि उनके दादा और पिता के जाति प्रमाण पत्र बने हुए हैं। इसके बावजूद उनके बच्चों के प्रमाण पत्र जारी कराने में अड़चन आ रही है। उन्होंने प्रशासन से बच्चों के जाति प्रमाण पत्र जारी करने की मांग की है। उनका कहना है कि इस समस्या के समाधान के लिए उन्होंने पहले भी संबंधित स्तर पर प्रयास किए हैं। जाति प्रमाण पत्र विभिन्न सरकारी सेवाओं, शैक्षणिक प्रक्रियाओं और पात्रता संबंधी कार्यों में उपयोग किया जाने वाला महत्वपूर्ण दस्तावेज है। ऐसे में बच्चों के प्रमाण पत्र जारी कराने की मांग इस प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा है।
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सुंदर सिंह ने बताया कि उन्होंने अपनी समस्या प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुंचाने के लिए कई बार जिला प्रशासन के माध्यम से प्रयास किया। हालांकि, उनके अनुसार, बच्चों के जाति प्रमाण पत्र जारी कराने का मामला अभी तक हल नहीं हुआ है। उन्होंने प्रशासन के रवैये पर सवाल उठाते हुए न्याय की मांग की है। सुंदर सिंह का कहना है कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती, तब तक उनका परिवार के साथ अनशन जारी रहेगा।
सुंदर सिंह ने अपनी मांग को लेकर आगे भी आंदोलन जारी रखने की बात कही है। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर वह लखनऊ तक पैदल यात्रा करेंगे। उनकी मुख्य मांग बच्चों के जाति प्रमाण पत्र जारी करने से संबंधित है। इस संबंध में उन्होंने प्रशासन से समाधान की मांग की है।
गांधी जयंती पर शुरू किए गए इस प्रदर्शन का वीडियो सोशल मीडिया के विभिन्न मंचों पर प्रसारित हो रहा है। वीडियो में सुंदर सिंह अपने चार बच्चों के साथ ‘अन्याय की चिता’ के पास आमरण अनशन करते दिखाई दे रहे हैं। प्रदर्शन के माध्यम से उन्होंने अपने परिवार की समस्या को सार्वजनिक रूप से सामने रखा है। हालांकि, वीडियो के प्रसारित होने के बाद प्रशासन की ओर से किसी कार्रवाई या समाधान की आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है।
इस मामले में गौतमबुद्धनगर के जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया जारी नहीं की गई है। सुंदर सिंह की मांग, उनके परिवार के जाति प्रमाण पत्र से संबंधित समस्या और प्रशासनिक स्तर पर की गई कार्रवाई को लेकर आधिकारिक स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार है। फिलहाल, उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सुंदर सिंह ने बच्चों के जाति प्रमाण पत्र जारी करने की मांग को लेकर परिवार सहित आमरण अनशन शुरू किया है और मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की बात कही है।
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