उत्तर प्रदेश में सहायक शिक्षक भर्ती से जुड़ा मामला एक बार फिर अभ्यर्थियों के प्रदर्शन के बाद सामने आया है। बड़ी संख्या में अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर लखनऊ पहुंचे और अपनी बात सरकार तक पहुंचाने की कोशिश की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने मंत्री के आवास के बाहर अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थियों ने नियुक्ति से जुड़ी मांगें उठाईं और अपनी बात रखने के लिए मंत्री ओम प्रकाश राजभर के आवास का घेराव किया। इसके बाद मंत्री की ओर से अभ्यर्थियों को बातचीत के लिए बुलाया गया।
68,500 सहायक शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों ने लखनऊ में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर के आवास के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी मंत्री के आवास के दरवाजे पर बैठ गए और अपनी मांगों को लेकर नारे लगाए। इस दौरान ‘राजभर चाचा न्याय करो’ के नारे लगाए गए। अभ्यर्थियों ने करीब आधे घंटे तक नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान उनकी मुख्य मांग नियुक्ति से जुड़ी रही। अभ्यर्थी भर्ती प्रक्रिया में अपने लिए 5 प्रतिशत छूट का लाभ दिए जाने और इसके आधार पर नई चयन सूची जारी किए जाने की मांग कर रहे हैं।
प्रदर्शन के दौरान मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने अभ्यर्थियों को बातचीत के लिए बुलाया। उन्होंने अभ्यर्थियों से कहा कि वे अपने सभी संबंधित कागज लेकर आएं। राजभर ने अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री से मुलाकात कराने का आश्वासन भी दिया। उन्होंने कहा कि अभ्यर्थी अपने सभी कागजात लेकर आएं और मुख्यमंत्री से मुलाकात के लिए समय लिया जाएगा। इस आश्वासन के बाद प्रदर्शन से जुड़ी बातचीत का रास्ता खुला। अभ्यर्थी अपनी मांगों और भर्ती से जुड़े दस्तावेजों के साथ अपनी बात रखने की तैयारी में हैं।
68,500 सहायक शिक्षकों की भर्ती वर्ष 2018 में निकाली गई थी। भर्ती से जुड़े अभ्यर्थी लंबे समय से चयन और नियुक्ति से संबंधित अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाते रहे हैं। इस प्रदर्शन में शामिल अभ्यर्थियों की प्रमुख मांग भर्ती प्रक्रिया में 5 प्रतिशत छूट से जुड़ी है। अभ्यर्थियों का आरोप है कि चार श्रेणियों के अभ्यर्थियों को 5 प्रतिशत छूट का लाभ नहीं मिला। इसी मुद्दे को लेकर प्रदर्शनकारी परिणाम में संशोधन की मांग कर रहे हैं।
अभ्यर्थियों की मांग है कि संबंधित चार श्रेणियों को 5 प्रतिशत छूट का लाभ दिया जाए। उनका कहना है कि छूट दिए जाने के बाद भर्ती के परिणाम में संशोधन किया जाना चाहिए। अभ्यर्थियों ने मांग रखी है कि 150 में 60 अंक यानी 40 प्रतिशत अंक के आधार पर परिणाम संशोधित किया जाए। इसके बाद संशोधित परिणाम के आधार पर नई चयन सूची जारी करने की मांग की गई है। प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थियों ने इसी मांग को प्रमुखता से उठाया।
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों की मांग केवल परिणाम संशोधन तक सीमित नहीं है। वे 5 प्रतिशत छूट का लाभ देने के बाद नई चयन सूची जारी करने की मांग भी कर रहे हैं।उनके अनुसार, संशोधित मानदंड के आधार पर परिणाम तैयार किए जाने के बाद चयन सूची में उन अभ्यर्थियों को भी शामिल किया जाना चाहिए जो निर्धारित संशोधित मानक पूरा करते हैं। इस मांग को लेकर अभ्यर्थियों ने मंत्री के आवास पर पहुंचकर अपनी बात रखी।
प्रदर्शन के दौरान मंत्री ओम प्रकाश राजभर की ओर से अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री से मुलाकात कराने का आश्वासन दिया गया। राजभर ने अभ्यर्थियों से अपने सभी कागजात साथ लाने को कहा। मंत्री के अनुसार, अभ्यर्थियों के दस्तावेज देखने के बाद मुख्यमंत्री से मुलाकात के लिए समय लेने की बात कही गई है। इस मुलाकात में भर्ती से संबंधित अभ्यर्थियों की मांगों और उनके दस्तावेजों को रखा जाना है। 68,500 सहायक शिक्षक भर्ती के प्रदर्शन में अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं:
- चार श्रेणियों के अभ्यर्थियों को 5 प्रतिशत छूट का लाभ दिया जाए।
- 150 में 60 अंक यानी 40 प्रतिशत के आधार पर परिणाम संशोधित किया जाए।
- संशोधित परिणाम के बाद नई चयन सूची जारी की जाए।
- पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति दी जाए।
- भर्ती से जुड़े दस्तावेजों और मांगों पर सरकार के स्तर पर विचार किया जाए।
लखनऊ में प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थी मंत्री ओम प्रकाश राजभर के आवास के दरवाजे पर बैठ गए। उन्होंने अपनी मांगों को लेकर लगातार नारेबाजी की। करीब आधे घंटे तक चले प्रदर्शन के दौरान ‘राजभर चाचा न्याय करो’ के नारे लगाए गए। प्रदर्शन को देखते हुए मंत्री की ओर से अभ्यर्थियों को बातचीत के लिए बुलाया गया। इसके बाद अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री से मुलाकात कराने का आश्वासन दिया गया।
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